Saturday, August 10, 2013

आपके मन का भ्रम आपको कुछ और ही देखने को मजबूर करता है और परिणाम ये होता है कि आप नक्कारात्मक और कभी अपने आप से प्रेम करने वाले ही  बनकर रह जाते है |आत्म्प्रशंस्कों को लोग भले ही कुछ भी कहे  कम से कम वे औरो को कोई नुक्सान तो नहीं पहुंचाते  अथ  सभी यदि स्वयं से प्यार करेंगे तभी उनकी संवेदनाए जिन्दा रहेंगी और वे दूसरों से भी प्रेम कर सकेंगे .
दिव्या वर्मा 

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